संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इस्लामिक स्टेट (आइएस) की दक्षिण एशिया शाखा अभी भी सक्रिय और खतरनाक है और उसने तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) जैसे अन्य आतंकी संगठनों के साथ संपर्क बना लिए हैं। इसमें अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों में सुरक्षा वातावरण को खराब करने की क्षमता है।
तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान जैसे आतंकी संगठनों के साथ बनाए संपर्क
इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवेंट-खोरासन (आइएसआइएल-के) का गठन 10 जनवरी, 2015 को टीटीपी के पूर्व कमांडर और स्थापना तालिबान गुट के पूर्व कमांडरों ने की थी जिन्होंने आइएस और उसके मारे गए नेता अबु बकर अल बगदादी के प्रति निष्ठा की शपथ ली थी। इस समूह ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों देशों में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। आइएसआइएल-के से अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा को खतरे और सदस्यों देशों में इस खतरे का सामना करने में संयुक्त राष्ट्र की मदद की कोशिशों पर महासचिव की 10वीं रिपोर्ट के मुताबिक, आइएसआइएल-के 2019 के आखिर तक अफगानी सुरक्षा बलों और तालिबानी लड़ाकों के जबर्दस्त दबाव में आ गया जिसकी वजह से उसे एक तरह से अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत स्थित अपने मुख्यालय से हटना पड़ा।