दिल्ली के बेटे का शपथ


रामलीला ग्राउंड में अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वो दिल्ली के तीसरी बार मुख्यमंत्री बन रहे हैं। उनके साथ मनीष सिसोदिया और सतेंद्र जैन ने भी शपथ लिया। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल को लगभग 12 बजकर 15 मिनट पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी। वह 2013 में पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे। उनकी सरकार महज 49 दिन तक चल सकी थी। इसके बाद 2015 में हुये विधानसभा चुनाव में आप की ऐतिहासिक जीत के बाद केजरीवाल दूसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। केजरीवाल ने शपथ लेने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि ये मेरी नहीं, दिल्लीवालों की जीत है। वोट देने वाले, नहीं देने वाले दोनों का मुख्यमंत्री हूं। मैं दिल्लीवालों के जिंदगी में खुशहाली लाने की कोशिश करूंगा। मैं हर किसी को साथ लेकर काम करना चाहता हूं। हम हमने प्रतिद्वंद्वियों को चुनाव प्रचार के दौरान की गई हर टिप्पणी के लिए माफ करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच सालों में हमारी यही कोशिश रही कि दिल्ली का कैसे बेहतर विकास हो। अगले पांच साल भी यही कोशिश रहेगी।’’ केजरीवाल ने दिल्ली वालों को देश की राजनीति बदल देने का श्रेय देते हुये कहा कि दिल्ली को विश्वस्तरीय सर्वश्रेष्ठ शहर बनाने के लिये वह केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे और इसके लिये उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद की भी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों ने विकास को तरजीह देकर देश की राजनीति को बदलने का काम किया है। केजरीवाल ने कहा, ‘‘मैं दिल्ली को आगे बढ़ाने और इसे दुनिया का सबसे अच्छा शहर बनाने के लिये प्रधानमंत्री का भी आशीर्वाद चाहता हूं।’’ गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार के पिछले दो कार्यकाल में केन्द्र सरकार के साथ विभिन्न मुद्दों पर टकराव का मामला उच्चतम न्यायालय तक पहुंच चुका है।केजरीवाल ने खुद को दलगत राजनीति से अलग बताते हुये कहा, ‘‘मैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी मुख्यमंत्री हूं और भाजपा कांग्रेस सहित अन्य दलों के समर्थकों का भी मुख्यमंत्री हूं।’’  उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच साल में मैंने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। किसी दूसरी पार्टी के समर्थक होने के आधार पर मैंने किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। सभी के काम बिना किसी भेदभाव के किये। अब दो करोड़ दिल्ली वाले लोग मेरा परिवार हैं। मैं सभी के काम करूंगा। चाहे कोई किसी भी जाति धर्म का हो, अमीर हो या गरीब हो।’’  केजरीवाल ने चुनाव के दौरान विभिन्न दलों के नेताओं की कड़वी बातें भुलाने की अपील करते हुये कहा, ‘‘मैं सभी के साथ मिल कर काम करना चाहता हूं। अब चुनाव खत्म हो गये हैं। चुनाव में राजनीति होती है और हुयी भी। हमारे लिये चुनाव में जिसने जो कुछ भी कहा, उसके लिये हमने उन्हें माफ कर दिया है।’’ केजरीवाल ने केन्द्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की पहल करते हुये कहा, ‘‘मैं केन्द्र के साथ मिलकर दिल्ली को आगे ले जाना चाहता हूं। शपथ ग्रहण समारोह का मैंने प्रधानमंत्री को भी न्योत भेजा था, मगर वह किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण नहीं आ सके। मैं दिल्ली को आगे बढ़ाने और इसे दुनिया का सबसे अच्छा शहर बनाने के लिये प्रधानमंत्री का भी आशीर्वाद चाहता हूं।’’ संबोधन के दौरान उन्होंने एक कविता के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को दिल्ली सरकार की प्राथमिकता बताते हुये कहा : ‘‘जब भारत मां का हर बच्चा अच्छी शिक्षा पाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहरायेगा। जब भारत के हर बंदे को अच्छा इलाज मिल पाएगा, जब सुरक्षा और सम्मान महिलाओं को आत्मसम्मान दिलाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहरायेगा। हर नौजवान के माथे से बेरोजगार का तमगा हट जाएगा। जब किसान का पसीना उसके घर में खुशहाली लेकर आएगा, जब हर भारतवासी जीवन की मूलभूत सुविधाएं पाएगा, जब धर्म जाति से ऊपर उठकर हर भारतवासी भारत को आगे बढ़ाएगा, तभी अमर तिरंगा आसमान में शान से लहराएगा।’’  संबोधन के अंत में केजरीवाल ने मशहूर गीत ‘हम होंगे कामयाब’ भी गाया। रामलीला मैदान में मौजूद भीड़ ने भी इस गीत को गाने में केजरीवाल का साथ दिया।