भारतीय टीम में जगह बनाने का सबसे आसान रास्ता है IPL


विशाखापत्तनम। तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने मंगलवार को कहा कि उन्हें अपने करियर के शुरू में ही समझ में आ गया था कि सीमित ओवरों की क्रिकेट पर ज्यादा ध्यान देना होगा और आईपीएल भारतीय टीम में जगह बनाने का आसान रास्ता है। आगरा के रहने वाले चाहर ने राजस्थान की तरफ से रणजी ट्राफी पदार्पण पर ही हैदराबाद के खिलाफ दस रन देकर आठ विकेट लिये थे लेकिन उन्हें जल्द ही यह अहसास हो गया कि लाल गेंद से 125 किमी की रफ्तार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का उनका सपना पूरा नहीं कर सकती। चाहर ने कहा,'' जब मैंने तेजी हासिल करने के लिये अपने एक्शन बदला तो मुझे अपनी राज्य की टीम में संघर्ष करना पड़ा। मुझे अचानक ही लगने लगा कि भारतीय टीम में जगह बनाने मेरे लिये बहुत ही मुश्किल होगा। अगर मैं रणजी के भरोसे रहता तो फिर मुझे बहुत सारे मैच खेलने होते, पूरे सत्र खेलना होता और दलीप ट्राफी में खेलना होता। यह लंबा रास्ता था। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, ''लेकिन अगर आप आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करते हो तो फिर आपको जल्द ही भारत की तरफ से खेलने का मौका मिल सकता है। अपने करियर के उस दौर में मैंने सफेद गेंद की क्रिकेट पर अधिक ध्यान देने का फैसला किया।'' मध्यम गति के इस गेंदबाज ने आईपीएल फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपरकिंग्स से दो सत्र खेलने के बाद भारतीय टीम में जगह बनायी। चाहर अपनी कमजोरियों के प्रति स्पष्ट राय रखते हैं और जानते हैं कि उन्हें इनमें सुधार के लिये क्या करना है। उन्होंने कहा, ''जब मैंने रणजी ट्राफी में प्रवेश किया तो मैं 125 किमी की रफ्तार से गेंदबाजी करता था। अपनी तेजी बढ़ाने के प्रयास में मैं चोटिल भी रहा। मैं जानता था कि इस तेजी से मैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं बने रह सकता हूं। मुझे इसे 140 तक बढ़ाना होगा और इसमें स्विंग को जोड़ना होगा। ''


चाहर ने कहा, ''स्विंग लेती गेंद जो 135 से 137 किमी की रफ्तार से की गयी हो वह किसी भी बल्लेबाज के लिये बेहद मुश्किल गेंद होती है। अगर विकेट सपाट है तो 150 किमी की गेंद भी आसानी से खेली जा सकती है।'' चाहर का ध्यान अब सफेद गेंद का अच्छा गेंदबाज बनने पर है और उन्हें लगता है कि लाल गेंद की तुलना में सफेद गेंद को स्विंग करना अधिक मुश्किल है।