अटल के अहम एजेंडे को आज मिल सकती है मंजूरी


भारी जनादेश के बाददोबारा सत्‍ता के शिखर पर काबिज होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्‍तान के बालाकोट एयर स्‍ट्राइक, जम्‍मू-कश्‍मीर से आर्टिकल 370 के खात्‍मे के बाद स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से एक ऐलान किया था। सुरक्षा के मोर्चे पर नई चुनौतियों से निपटने के लिए देश की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बेहद जरूरी है और इसी को देखते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का नया पद सृजित किया जाएगा। चीन और पाकिस्‍तान के दोतरफा खतरे से निपटने के लिए सीडीएस बनाने का प्रस्‍ताव अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान से लंबित था, लेकिन राजनीतिक सहमति नहीं होने की वजह से पूरा नहीं हो पाया था। 1999 की करगिल लड़ाई के प्रमुख सबकों में से एक था और यह अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार का अधूरा एजेंडा भी था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आज केंद्र सरकार पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के नाम का ऐलान कर सकती है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जनरल बिपिन रावत को देश का पहला चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बनाया जा सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों ही सरकार ने पहले सीडीएस की नियुक्ति को लेकर एक समिति का गठन किया था। यह समिति राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के अंतर्गत काम कर रही है. इस समिति ने तीनों सेनाओं से कमांडर-इन-चीफ रैंक के अधिकारियों के नाम मंगवाए थे।