शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन जानें कश्मीर से लेकर NRC तक क्या रहा खास


संसद के शीतकालीन सत्र का आज तीसरा दिन है। आज राज्यसभा में महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के मसले पर रिपोर्ट पेश हुई। कांग्रेस की तरफ से गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर की मौजूदा स्थिति और एनआरसी से जुड़े तमाम सवालों के जवाब दिए। लोकसभा में चिट फंड (संशोधन) विधेयक, 2019 पर भी चर्चा हुई। राज्यसभा में आज के सत्र की शुरुआत में राज्यसभा में गांधी परिवार की सुरक्षा का मामला उठा। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने सरकार से गुजारिश करते हुए कहा कि हमारे नेताओं की सुरक्षा राजनीति से अलग रखें। जिसका जवाब सुब्रमण्यम स्वामी ने देते हुए कहा कि गृह मंत्रालय लगातार खतरे का आकलन करता है। यह उसी आधार पर हुआ। यूपीए सरकार के समय भी कई नेताओं की सुरक्षा कम की गई थी। जेपी नड्डा ने भी इस मामले को लेकर कहा इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। सुरक्षा हटाई नहीं गई है। गृह मंत्रालय के पास एक नियमावली है और प्रोटोकॉल है। यह किसी राजनेता द्वारा नहीं बल्कि गृह मंत्रालय द्वारा किया गया है। वहीं लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में मौजूद रहे। लोकसभा के प्रशनकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इस समय हमें थोड़ा सब्र रखना चाहिए। आने वाले समय में पॉलिसी आएगी। राज्यसभा में एक बार फिर से प्रदूषण का मु्द्दा उठा और कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाया। अब बारी आज के सत्र की सबसे बड़े घटनाक्रम की। राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी भी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में कर्फ्यू की स्थिति नहीं है। इंटरनेट सुविधा वापस शुरू होने के सवाल के जवाब में शाह ने कहा कि हमने स्थानीय प्रशासन से स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा है उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा। शाह ने कहा कि किसी को राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से डरने की जरूरत नहीं है और यह पूरे देश में लागू किया जाएगा।राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से जुड़े सवाल के जवाब में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनआरसी में धर्म के आधार पर भेदभाव करने की बात नहीं है। शाह ने आगे कहा कि एनआरसी की प्रक्रिया जब पूरे देश में होगी तो असम में एनआरसी की प्रक्रिया फिर से की जाएगी। एक सवाल के जवाब में गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सिटीजनशिप अमेडमेंट बिल वापस लाया जाएगा। इसका एनआरसी से कोई संबंध नहीं है।