बचपन से अब तक एक ही डोर में बंधा है प्यार


मैं उसे बचपन से जानता था, तब मुझे नहीं पता था कि मुझे उससे प्यार हो जाएगा. मैं उसे कई सालों बाद एक शादी में मिला और उसे देखते ही मुझे उससे प्यार हो गया. उसकी खूबसूरती और खामोशी मुझपर जादू कर गई. एक दिन मौका मिलते ही मैंने उसे प्रपोज कर दिया. उसने बिना कुछ कहे ही अपनी एक प्यारी सी स्माइल से बहुत कुछ कह दिया. आज हमारे रिलेशनशीप को लगभग दो साल से ज्यादा हो गए हैं. हमारे बीच छोटी-मोटी नोकझोंक भी होती रहती है. वो मुझसे खुद ही लड़ती है और खुद ही मुझे मनाने भी लगती है. यही हमारे प्यार की ताकत है, जो हमें आज तक एक डोर में बांधे हुई है. मैं ईश्वर से यही दुआ करता हूं कि हमारा प्यार यूं ही बना रहे और उसके चेहरे पर हमेशा यह प्यारी सी मुस्कान बनी रहे.