6 सदस्यीय एसआइटी पर दर्ज होगी FIR


जम्मू। पूरे देश को हिला देने वाले जनवरी 2018 के बहुचर्चित कठुआ दुष्कर्म कांड में नया मोड़ आ गया है। सिटी जज जम्मू प्रेम सागर ने मामले की जांच करने वाली राज्य क्राइम ब्रांच की छह सदस्यीय स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) के खिलाफ फर्जी गवाह तैयार करने, उन्हें गैरकानूनी ढंग से हिरासत में रखने और मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताड़ित करने के आरोप में एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसएसपी जम्मू को एफआइआर दर्ज करने और सात नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का आदेश भी दिया। कठुआ मामले में क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने सचिन शर्मा, नीरज शर्मा और साहिल शर्मा को भी अपना गवाह बनाया था, लेकिन तीनों ने सिटी जज की कोर्ट में एक आवेदन दायर कर एसआइटी के सदस्य पूर्व एसएसपी क्राइम आरके जाला, एडिशनल सुप¨रटेंडेंट ऑफ पुलिस क्राइम ब्रांच पीरजादा नावेद, डीएसपी क्राइम ब्रांच शितांबरी शर्मा, नासिर हुसैन, उरफान वानी और केवल किशोर के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआइटी सदस्यों ने उन्हें विशाल जंगोत्रा के खिलाफ फर्जी बयान देने के लिए मजबूर किया। वहीं, उन्हें गैर-कानूनी ढंग से हिरासत में रखा और शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रताड़ित भी किया। तीनों आवेदनकर्ताओं ने कहा कि उक्त जांच अधिकारियों ने साजिश के तहत विशाल को फंसाया और उसके खिलाफ फर्जी सुबूत तैयार कर उनसे सीआरपीसी की धारा-164 के तहत जबरन बयान दर्ज कराए। आवेदनकर्ताओं के वकील अंकुर शर्मा व तरुण शर्मा ने कोर्ट को बताया कि सचिन, नीरज व साहिल ने 24 सितंबर 2019 को एसएचओ पक्का डंगा को शिकायत देते हुए एसआइटी के सदस्यों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की थी। अपनी शिकायत में उन्होंने यह भी कहा था कि कोर्ट ने भी विशाल को बरी कर दिया है। ऐसे में एसआइटी सदस्यों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए। जब एसएचओ ने कार्रवाई नहीं की तो शिकायतकर्ता पांच अक्टूबर को एसएसपी जम्मू के पास भी शिकायत लेकर गए, लेकिन वहां भी उनकी बात नहीं सुनी गई है। कठुआ में आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या हुई थी। इस मामले में आठ आरोपित थे। पठानकोट की अदालत ने इनमें से छह को दोषी करार दिया था। एक नाबालिग होने पर उसके खिलाफ जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड में मामला चल रहा है, जबकि विशाल को बरी किया जा चुका है।